Social

Zee News DNA- भाईचारे के विपरीत सांप्रदायिक डीएनए टेस्ट

Zee News DNA : शाहरुख़ खान के अपनी फिल्म  Raees के Promotion के तरीके पर जी न्यूज़ ने खासा बवाल मज़ा दिया है, 25 जनवरी २०१७ को प्रसारित होने वाले कार्यक्रम Zee News DNA में आज सुधीर चौधरी ने शाहरुख़ खान और नेताओ को नायक नहीं बल्कि खलनायक बताया है, जी न्यूज़ का आज का डीएनए कार्यक्रम ख़ास तौर पर शाहरुख़ खान के अपनी आने वाली फिल्म Raees के प्रमोशन को लेकर था. जिसके चलते बड़ोदरा में पुलिस लाठी चार्ज के कारण मची भगदड़ में एक शख्स की मौत हो गयी. जी न्यूज़ के एडिटर सुधीर चौधरी ने इस मौत के लिए सीधे सीधे जिम्मेदार शाहरुख़ खान की मूवी रईस के प्रमोशन के तरीके बताया है, ज्ञात रहे की शाहरुख़ खान ने कल अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए एक नया तरीका चुना था जिसके तहत उन्होंने मुंबई से दिल्ली तक का सफ़र ट्रेन से करते हुए अपनी फिल्म का प्रमोशन करने का कार्यक्रम था. जिसके वज़ह से शाहरुख़ खान के चाहने वालों की भीड़ का ताँता हर उस रेलवे स्टेशन पर लग गया जहाँ जहाँ शाहरुख़ खान की ट्रेन राजधानी का स्टॉप था.

Zee News DNA : हालाँकि रेलवे और पुलिस प्रशाशन को इसकी जानकारी लग चुकी थी इसीलिए पुलिस ने हर रेलवे स्टेशन पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस प्रशाशन को भी देखा गया. किन्तु बड़ोदरा में एक दुर्घटना घटी की के एक शाहरुख़ को चाहने वाला फेन पुलिस की लाठी चार्ज के दौरान मची भगदड़ में मारा गया. शायद जब इस बात की खबर रतलाम के बीजेपी मोर्चा को लगी तो उन्होंने रतलाम रेलवे स्टेशन पर शाहरुख़ खान को काले झंडे दिखाए और शाहरुख़ खान का विरोध किया. शाहरुख़ खान इस पुरे सफ़र के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से अपने फेंस से सीधे संपर्क में थे. हो सकता है उनके किसी फेन ने उन्हें रतलाम से पहुचने से पहले ही यह बता दिया हो की बीजेपी युवा मोर्चा उनका विरोध करने रेलवे स्टेशन पर मौजूद है. शायद इसलिए शाहरुख़ खान ट्रेन से उसके दरवाजे तक नहीं आये. किन्तु मीडिया ने इस बात को कुछ इस तरह से पेश किया की शाहरुख़ खान ने अपने फैन्स का ध्यान नहीं रखा और उनकी भावनाओ का ध्यान नहीं रखा और उन्हें अपनी शक्ल नहीं दिखाई इसलिए उनका विरोध हुआ. किन्तु जी मीडिया ने इस बात को भी तौड मरोड़कर पेश किया.

रेलवे प्रशाशन ने बड़ोदरा में मची भगदड़ और मौत के जांच के आदेश दिया है. जब तक जांच का कोई रिजल्ट नहीं आ जाता तब तक किसी को भी इस घटना का जिम्मेदार नहीं बनाया जा सकता. क्यूंकि देश के किसी भी नेता या अभिनेता को यह हक है की वोह देश में जिस भी जगह चाहे, जिस भी यातायात के साधन से सफ़र करना चाहे वो सफ़र कर सकता है.

Zee News DNA : एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में शाहरुख़ खान ने बड़ोदरा भगदड़ में मौत पर अपना दुःख व्यक्त किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है

Zee News DNA : इस पोस्ट के माध्यम से हम दुनिया की ख़बरों का डीएनए करने वाले और अपनी सोच को जबरदस्ती दर्शकों पर थौपने वाले जी न्यूज़ के एडिटर सुधीर चौधरी की विस्वश्नियता का डीएनए करने जा रहे, आज तक वही हर खबर का डीएनए करते हुए आये है. ज़रा आज उनके पत्रकारिता का डीएनए भी हम अपने नज़रिए से करके देखते है.
Zee News DNA के  माध्यम से सुधीर चौधरी जिस प्रकार अपना डीएनए प्रस्तुत कर रहे है. अक्सर देखने में आता है उनकी सोच पूर्ण रूप से किसी खास पार्टी, या खास समुदाय के भले के लिए होती है. और किसी और दूसरी खास पार्टी या ख़ास समुदाय की कमियों या गलतियों को खूब उजागर करने की होती है. अभी कुछ दिल पहले किसी एक कार्यक्रम में उन्होंने राहुल गाँधी के फटे हुए कुर्ते पर ही डीएनए टेस्ट कर डाला और इस कार्यक्रम में उन्होंने बताया की किस प्रकार कुछ नेता लोगो को बेवकूफ बनाते है. उन्होंने हर पार्टी के नेता के बारें बताया की किस पार्टी का नेता कितना अमीर है और फुटेज में पीछे जो विडियो चलाया या तो वो कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी या बहुजन समज्वादी पार्टी और अन्य ऐसी पार्टियाँ जो बीजेपी की विरोधी पार्टियाँ है उनकी फुटेज चलायी और यहाँ तक कह डाला की ऐसे नेताओं को शर्म आनी चाहिये, विडियो तो दिखाए किन्तु इस प्रोग्रम्म में बीजेपी पार्टी के नेताओ का कोई फुटेज नहीं चलाया. और न ही उनका डीएनए किया. जिससे ऐसा साफ़ प्रतीत होता है की आज कल मीडिया पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता. क्यूंकि मीडिया पर प्रसारित होने वाली खबर भी प्रायोजित और पक्षपात भरी हो सकती है.
Zee News DNA : शाहरुख़ खान के प्रचार के मामले में भी ऐसा हुआ. आज का कार्यक्रम पूरा देखने पर आपको लगेगा की किस प्रकार उन्होंने शाहरुख़ खान के ट्रेन से सफ़र का किस प्रकार राजनीतिकरण किया. चूँकि शाहरुख़ खान किसी खास समुदाय से आते है इसलिए उन्होंने शाहरुख़ खान के मूवी प्रमोशन के दौरान हुयी एक दुर्घटना को तो देश का बड़ा मुद्दा बना दिया. किन्तु नोट्बंदी के कारण देश में हुयी 100 से ज्यादा मौतों के बारे में उन्होंने कभी डीएनए टेस्ट नहीं किया. नोट्बंदी के दौरान सुधीर चौधरी हमेशा से सरकार के पक्ष की बात करते रहे और अपने कार्यक्रमों में हमेशा नोट्बंदी की सफलता के लिए लोगों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाते रहे. किन्तु बड़ोदरा में मारे गए एक फेन की मौत के दर्द ने उन्हें जितना रुलाया उतना नोट्बंदी के दौरान मारे गए लोगो पर इस प्रकार का अफ़सोस ज़ाहिर करते नहीं देखा गया, उस दौरान भी उन्होंने वोह विडियो और फुटेज नेशनल चैनल पर चलायी जिनमे नोट्बंदी के वकालत करने वाले लोग थे. उन्होंने कभी उन लोगो की बात या विडियो पर तवज्जो नहीं दी जो लोग नोट्बंदी के कारण परेशान हुए है, abchindipost ब्लॉग दोनों घटनाओ में मारे गए लोगो और उनके परिवार जनों के लिए हार्दिक संवेदनाएं रखता है. और मारे गए लोगो की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता है. दोनों ही घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं, और उसके लिए जिम्मेदार लोगो की भर्त्सना करता है.

ALSO READ : Hindu Musalman – भाईचारे की दुश्मन राजनीती

Zee News DNA :
सोशल मीडिया पर बहूत से लोग उनपर कमेंट्स करते है की “सुधीर चौधरी जी एक खास समुदाय की भले की बात करते है और ख़ास विचारधारा को अपने कार्यक्रम के ज़रिये दूसरों पर थोपते है. वोह कार्यक्रम में सरकार को सलाह दे डालते है की सरकार को क्या करना चाहिये और क्या नहीं करना चाहिए. उन्हें डीएनए पर ख़ास समुदाय के लोगो और उनके विचारों की खुलकर आलोचना करते हुए कई बार देखा गया है. सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालें और और उनका विरोध करने वालों दोनों का विशाल समूह है.

Zee News DNA :
यही बात समझ नहीं आती की एक पत्रकार का धर्म है पत्रकारिता करना. जो घटित हुआ है उसकी खबर आम लोगो तक पहूचाना और सच्ची खबर पहुचाना , ना की किसी खास धर्म के खिलाफ खबरे लिखना और प्रकाशित करना. किसी खास धर्म के लोगो की गलतियों और कमियों को तो देशभक्ति बताना और किसी खास धर्म के लोगो पर खबरे बना कर उन्हें देशद्रोही जैसा दिखाना. जब एक पत्रकार कोई खबर दे रहा होता है तो उसके मन मस्तिक में किसी भी प्रकार का सांप्रदायिक या राजनितिक असर नहीं होना चाहिए. पत्रकारिता एक बेहद जिम्मेदारी का काम है, ख़बरों का चयन किसी के दबाव या लालच में आकर नहीं करना चाहिए. इससे देश के धार्मिक सदभाव को नुक्सान होता है. एक पत्रकार को ख़बरों में सामंजस्य बनाकर खबरे प्रसारित करना चाहिए और वोही खबर प्रसारित करनी चाहिए जो घटित हो चुकी है.
आज के डीएनए में भी ऐसा ही देखने को मिला. एक तरफ जहाँ उन्होंने शाहरुख़ खान के फिल्म प्रचार के तरीके पर सवाल उठाये और लोगों को उनसे दूर रहने की सलाह दी. ठीक बिलकुल उसके विपरीत अक्षय कुमार के अपनी फिल्म के प्रचार के तरीके को बेहद सम्मानीय जगह दी. जबकि दोनों ही फिल्म अभिनेता है और दोनों के ही चाहने वाले है. abchindipost भी अक्षय कुमार के प्रचार करने के तरीके को सलाम करता है और उनकी फिल्म की सफलता की भी कामना करता है. देश के शहीद सैनिकों के लिए उनका प्रयास भी सराहनीय है. और हम सम्मान करते है. जो काम देश की सरकारों को सोचना और करना चाहिए उसका बीड़ा अक्षय कुमार ने उठाया है. अक्षय का शहीदों को सम्मान : अक्षय कुमार ने आज अपने फेन्स से सलाह मांगी की वोह देश के शहीद सैनिकों के परिवार के हालात सुधारने के लिए एक वेबसाइट बनाने वाले है. जिस पर शहीद सैनिक के शहीद होने के दुसरे दिन से ही उसके परिवार की पूरी डिटेल और उनका बैंक अकाउंट नंबर दिया जायेगा. जिस पर अक्षय कुमार देश की जनता से अपील करते हैं की शहीद सैनिक के परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए देश के लोग आगे आयें. गणतंत्र दिवस के अवसर पर शहीद परिवारों की सहायता से बढकर और क्या श्रधांजलि हो सकती है, उन्हें आर्थिक सहायता की अपील की है. वेबसाइट खुद अक्षय कुमार बनवायेंगे बस कुछ ज़रूरी परमिशन बाकी है. हालाँकि देश में शहीद सैनिको और उनके खस्ता हाल परिवार के खबरें आप और हम सुनते रहते है. और यह भी सुनते रहते है की सरकार उनका ध्यान नहीं रख पाती, सरकारों को चाहिए की जो देश के लिए आपनी जान दे कम से कम उनके परिवार को ध्यान तो सरकारों को रखना चाहिए. देश की सरकारों की इस भेदभाव निति के खिलाफ ही अक्षय कुमार ने अपने ओर से यह पहले कदम उठाया है. अक्षय कुमार पहले ऐसे फिल्म अभिनेता है जिन्होंने देश के सैनिको के लिए एक अच्छी योजना का फार्मूला दिया है. चाहे वोह अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए ही सही लेकिन कदम अच्छा है. ऐसा हमारा abchindipost का मानना है. और आशा करते है की शहीदों के सम्मान की यह योजना सिर्फ फिल्म के प्रचार का जुमला बन कर न रह जाये.
किन्तु इस पोस्ट में हम बात कर रहे थे देश में ऐसे पत्रकारों की जो जो देश की अखंडता और धार्मिक सद्भाव को अपने विचारों से बिगाड़ने के प्रयास कर रहे है. और जो पेड न्यूज़ बनाते है. असलियत को छुपाते है और मन गढ़त न्यूज़ लिखते और प्रसारित करते है. हम सब को ऐसे विचारो से दूर रहना होगा. और देश को बाँटने वाले पत्रकारों से देश को बचाना होगा. हमारा हिन्दुस्तान विभिन्नताओं में एकता का प्रतीक है. यहाँ हर जाति, धर्म और समुदाय के लोग रहते है और सबको सामान अधिकार संविधान से प्राप्त है. जो हमारे देश को महान बनाते है.

जय हिन्द

One Comment

Post Comment