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Ramnath Kovind speech in hindi-रामनाथ कोविंद का पहला भाषण

Ramnath Kovind speech in hindi-रामनाथ कोविंद का पहला भाषण
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Ramnath Kovind speech hindi

25 जनवरी 2017, आज भारत के  14 वें राष्ट्रपति के रूप में श्री रामनाथ कोविंद ने  सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति पद की शपथ ली, यह शपथ उन्होंने हिंदी भाषा में ली,  शपथ के बाद माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने अपने भाषण कहा की —

Ramnath Kovind speech hindi

” आदरणीय श्री प्रणव मुखर्जी जी, श्री हामिद अंसारी जी, श्री नरेन्द्र मोदी जी, श्री सुमित्रा महाजन जी, न्यायमूर्ती श्री जे. एस. खैर जी, एक्स्सलेंसयिस, संसद के सम्मानित सदस्य गन, देवियों, सज्जनों और मेरे देश वासियों.

” मुझे भारत के राष्ट्रपति पद का दायित्व सोंपने के लिए मैं आप सभी का ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ, मैं पूरी विनम्रता के साथ इस पद को ग्रहण कर रहा हूँ, यहाँ सेंट्रल हॉल में आकर मेरी कई पुराणी स्मृतियाँ ताज़ा हो गयी है, मैं संसद का सदस्य रहा हूँ, और इसी सेंट्रल हाल में मैंने आपमें से कई लोगो के साथ विचार विन्मय किया है, कई बार हम सहमत होते थे कई बार असहमत, लेकिन इसके बावजूद हम सभी ने एक दुसरे के विचारों का सम्मान करना सीखा यही लोकतंत्र की ख़ूबसूरती है”

 Ramnath Kovind speech Hindi

मैं एक छोटे से गाँव में, मिटटी के घर में पला बढ़ा हूँ, मेरी यात्रा बहूत लम्बी रही है, लेकिन यह यात्रा अकेले सिर्फ मेरी नहीं रही है, हमारे देश और समाज की भी यही गाथा रही है, हर चुनोती के बावजूद हमारे देश में संविधान की प्रस्तावना में उल्लेखित न्याय, स्वतंत्र, समानता और वन्धुत्व के मूल मंत्र का पालन किया जाता है, और मैं इस मूल मंत्र का सदैव पालन करता रहूँगा,

मैं इस महान राष्ट्र के 125 करोड़ नागरिको को नमन करता हूँ, और उन्होंने मुझ पर जो विश्वाश जताया है उस पर में खरा उतरने का वचन देता हूँ,  मुझे इस बात का पूरा विश्वाश है की मैं डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉक्टर ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और मेरे पूर्ववर्ती श्री प्रणव मुखर्जी जिन्हें हम स्नेह से प्रणव दा कहते हैं जैसी विभूतियों के पद चिन्हों पर चलने जा रहा हूँ,

 Ramnath Kovind speech Hindi : साथियों हमारी स्वतंत्रता महात्मा गाँधी के नेतृत्व में हजारों स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों का परिणाम थी, बाद में सरदार पटेल ने हमारे देश का एकीकरण किया, हमारे संविधान के प्रमुख शिल्पी बाबासाहब भीमराव अम्बेडकर ने हम सभी में मानवीय गरीमा और गणतांत्रिक मूल्यों का संचार किया, वे इस बात से संतुष्ट नहीं थे केवल राजनितिक स्वतंत्रता ही काफी है, उनके लिए हमारे करोड़ों लोगो की सामाजिक और आर्थिक स्वंतंत्रता के लक्ष्य को पाना भी बहूत महत्वपूर्ण था.

अब स्वतंत्रता मिले 70 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, हम इक्कीसवीं सदी के दुसरे दशक में हैं, वो सदी जिसके बारे में हम सभी को भरोसा है की ये भारत की सदी होगी, भारत की उपलब्धियां ही इस सदी की दिशा और स्वरुप तय करेंगी, हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करना है जो आर्थिक नेतृत्व देने के साथ ही नैतिक आदर्श भी प्रस्तुत करे, हमारे लिए ये दोनों मापदंड कभी अलग नहीं हो सकते ये दोनों जुड़े हुए हैं और इन्हें हमेशा जुड़े हुए ही रहना होगा.

 Ramnath Kovind speech Hindi : साथियों देश की सफलता का मंत्र उसकी विविधता है, विविधता ही हमारा वो आधार है जो हमें अद्वितीय बनता है, इस देश में हमें राज्यों और क्षेत्रों, पंथों, भाषाओँ, संस्कृतियों, जीवन शैलियों जैसी कई बैटन का सम्मिश्रण देखने को मिलता है, हम बहूत अलग हैं फिर भी एक हैं, और एकजुट हैं, इक्कीसवी सदी का भारत ऐसा भारत होगा जो हमारे पुरातन मूल्यों के अनुरूप होने के साथ ही साथ चौथी औध्योगिक क्रांति को भी विस्तार देगा, इसमें न कोई विरोधाभास है और न ही इसमें किसी तरह के विकल्प का प्रश्न उठता है, हमें अपनी परंपरा और प्रोध्योगिकी प्राचीन भारत के ज्ञान और समकालीन भारत के विज्ञानं को साथ लेकर चलना है,

एक तरफ जहाँ ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक भावना से  विचार विमर्श करके समस्याओं का निस्तारण होगा वहीँ डिजिटल राष्ट्र  हमें विकाश की नयी उचाईयों तक पहुचने में सहायता करेगा, यह हमारे राष्ट्रिय प्रयासों के दो महत्वपूर्ण स्तम्भ है,

राष्ट्रनिर्माण अकेले सरकारों द्वारा नहीं किया जाता, सरकार सहायक हो सकती है, वो समाज की उद्यमी और रचनात्मक प्रवर्तियों को दिशा दिखा सकती है प्रेरक बन सकती है, राष्ट्र निर्माण का आधार है राष्ट्रीय गौरव, हमें गर्व है भारत की मिटटी और पानी पर, हमें गर्व है भारत की विविधता, सर्व धर्म समभाव और समावेशी विचारधारों पर, हमें गर्व है भारत की संस्कृती, परंपरा अवं अध्यात्म पर, हमें गर्व है देश के प्रत्येक नागरिक पर, हमे गर्व है अपने कर्तव्यों के निर्वहन पर और हमें गर्व है हर छोटे से छोटे काम पर जो हम प्रतिदिन करते है,

 Ramnath Kovind speech: साथियों देश का हर नागरिक राष्ट्र निर्माता है, हममे से प्रत्येक व्यक्ति भारतियों परम्परों और मूल्यों का संरक्षक है, और यही विरासत हम आने वाली पीढ़ियों को देकर जायेंगे, देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और हमें सुरक्षित रखने वाले सशक्त्रबल राष्ट्र निर्माता हैं, जो पुलिस और अर्धसैनिक बल आतंकवाद और  अपराधों से लड़ रहे है वो राष्ट्र निर्माता हैं, जो किसान तपती धूप में देश के लोगों के लिए अन्न उपजा रहा है वो राष्ट्र निर्माता है, और हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए की खेत में कितनी बड़ी संख्या में महिलाएं भी काम करती है, जो वैज्ञानिक 24 घंटे अथक परिश्रम कर रहा है, भारतीय अन्तरिक्ष मिशन को मंगल तक अले जा रहा है या किसी वैक्सीन का आविष्कार कर रहा है वो राष्ट्र निर्माता है, जो नर्स या डॉक्टर किसी सूदूर गाँव में किसी गरीब की गंभीर बिमारी में उसकी मदद कर रहे है वो राष्ट्र निर्माता है, जिस नौजवान ने अपना स्टार्टअप शुरू किया है और अब स्वयं रोजगार दाता  बन गया है वो राष्ट्र निर्माता है, यह स्टार्टअप कुछ भी हो सकता है किसी छोटे से खेत में आम से आचार बनाने का काम हो, कारीगरों के किसी गाँव में कारपेट बुनने का काम हो या फिर लेबोरेट्री जैसे बड़ी स्कीमो से रोशन किया गया हो,

वो  आदिवासी और सामान्य नागरिक जो जलवायु परिवर्तन की चुनोतियों से निपटने में हमारे पर्यावरण, हमारे वनों, हमारे वन्य जीवन की रक्षा कर रहे है और वे लोग जो नवीन करणीय ऊर्जा के महत्व को बढ़ावा दे रहे है वे राष्ट्र निर्माता हैं, वो प्रतिबद्ध लोक सेवक जो पूरी निष्ठा के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे है, कहीं पानी से भरी सड़क पर पानी को नियंत्रित कर रहे हैं, कहीं किसी कमरे में बैठ कर फाइलों पर काम कर रहे हैं वे राष्ट्र निर्माता हैं,

वे शिक्षक जो निस्वार्थ भाव से युवकों को शिक्षा दे रहे है उनका भविष्य तय कर रहे है वो राष्ट्र निर्माता हैं, वे अनगिनत महिलाएं जो घर पर और बाहर तमाम दायित्व निभाने के साथ ही अपने परिवार की देख रेख कर रही हैं, अपने बच्चो को देश का आदर्श नागरिक बना रही है वे राष्ट्र निर्माता हैं.

 Ramnath Kovind speech: साथियों, देश के नागरिक ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक अपने प्रतिनिधि चुनते हैं, उन प्रतिनिधियों में अपनी उम्मीद और आस्था जागते है, नागरिकों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए यही जन प्रतिनिधि अपना जीवन राष्ट्र की सेवा में लगाते हैं, लेकिन हमारे यह प्रयास सिर्फ हमारे लिए ही नहीं है, सदीयों से भारत ने वासुदेव कुटुम्बकम यानि पूरा विश्व एक परिवार हे के दर्शन पर भरोसा किया है, ये उचित होगा की भगवन बुद्ध की ये धरती शांति की स्थापना और पर्यावरण का संतुलन बनाने में विश्व का नेतृत्व करे |

आज पुरे विश्व में भारत के दृष्टी कोण का महत्व है पूरा विश्व भारतीय संस्कृती और भारतीय परम्पराओ की और आकर्षित है, विश्व समुदाय अन्तराष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए हमारी तरफ देख रहा है, चाहे आतंकवाद हो काले धन का लेन देन हो या फिर जलवायु परिवर्तन वैश्विक परिद्रश्य में हमारी जिम्मेदारियां भी वैश्विक हो गयी हैं यही भाव हमें हमारे वैश्विक परिवार से विदेश में रहने वाले मित्रों और सहयोगियों से दुनिया के अलग अलग क्षेत्रों रह रहे प्रवासी भारतियों से जोड़ता है, यही भाव हमें दुसरे देशों की सहायता के लिए तत्पर करता है चाहे वो अन्तराष्ट्रीय सोलर अलायंस का विस्तार करना हो या फिर प्राकृतिक आपदाओं के समय सहयोग के लिए आगे आना हो

एक राष्ट्र के तौर पर हमने बहूत कुछ हासिल किया है, लेकिन इससे ज्यादा करने का प्रयास, बेहतर करने का प्रयास, और तेज़ी से बेहतर करने का प्रयास निरंतर होते रहना चाहिए, ये इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्यूंकि वर्ष 2022 में देश अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष को मना रहा होगा , हमें इस बात का लगातार ध्यान रखना होगा की हमारे इस प्रयास से समाज की आखरी पंक्ति में खड़े उस व्यक्ति के लिए और गरीब परिवार की उस बेटी के लिए भी नयी संभावनाएं और नए अवसरों के द्वार खुले, हमारे प्रयत्न आखिरी गाँव के आखिरी घर तक पहुचने चाहिए इसमें न्याय प्रणाली के हर स्तर पर तेज़ी के साथ कम खर्च पर न्याय दिलाने वाली वयवस्था को भी शामिल किया जाना चाहिए|

 Ramnath Kovind speech: साथियों, इस देश के नागरिक ही हमारी उर्जा का मूल स्रोत हैं, मैं पूरी तरह आश्वस्त हूँ की राष्ट्र की सेवा के लिए मुझे इन लोगों से इसी प्रकार निरंतर शक्ति मिलती रहेगी, हमें तेज़ी से होने वाली एक मज़बूत अर्थव्यवस्था, एक शिक्षित, नैतिक और साझा समुदाय सामान मूल्यों वाले और सामान अवसर देने वाले समाज का निर्माण करना होगा, एक ऐसा समाज जिसकी कल्पना महात्मा गांधी और दीन दयाल उपाध्याय जी ने की थी, यह हमारे मानवीय मूल्यों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, ये हमारे सपनो का भारत होगा एक ऐसा भारत जो सभी को सामान अवसर सुनिश्चित करेगा ऐसा ही भारत इक्कीसवी सदी का भारत होगा |

आप सबको बहूत बहूत धन्यवाद .. जय हिंदी, वन्दे मातरम

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