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चलती ट्रेन में धार्मिक उन्माद, एक की हत्या 3 घायल

बल्लभगढ़ : चलती ट्रेन में धार्मिक उन्माद का मामला सामने आया है. गुरुवार की रात दिल्ली से बल्लभगढ़ जा रहे एक 16 साल के एक मुसलमान लड़के को लोकल ट्रेन में संप्रदाय विशेष की भीड़ ने पीट पीट कर मार डाला. बड़ी बात यह है की भीड़ ने चाकूओ से हमला किया और बाद में उन्हें चलती ट्रेन से फैंक दिया.

गुरूवार की शाम को 6 बजे जुनैद और उसके दो भाई हासिम, शाकिर और उसका दोस्त मोहसिन दिल्ली से ईद की खरीददारी करके अपने घर जा रहे थे.

तुगलकाबाद के पास कुछ लोग ट्रेन में चढ़े. सीट पर जगह देने को लेकर बैठे हुए जुनैद और उनके साथियों के साथ झगड़ा शुरू हो गया.

झगड़ा करने वाले सिर्फ चंद लोग ही थे. उन्होंने साम्प्रदायिक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं. उनके पहनावे और टोपी पर भद्दी टिपण्णी की गयी. जब विरोध किया गया तो उनके साथ मार पीट शुरू कर दी. यह भी सुनने में आया की उनपर बीफ खाकर ट्रेन में बैठने का आरोप लगाया गया जिसके कारण ट्रेन में बैठे कुछ लोग और भीड़ का हिस्सा बन गए. मरने वाले जुनैद के भाई हासिम ने बताया की झगडा करने वाले लोग हम पर बीफ खाने का आरोप लगा रहा था और दुसरे लोगो को भड़का रहा था. इसलिए कोई बीच बचाव करने नहीं आया.

इन लड़कों को बल्लभगढ़ उतरना था, क्योंकि इनका गांव खंडावली इस स्टेशन से नज़दीक पड़ता है. एनडीटीवी के मुताबिक सभी लोग दिल्ली में ईद की खरीदारी कर अपने-अपने घर लौट रहे थे। ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एफआईआर दर्ज कराने वाले हासिब (जुनैद के भाई) ने आरोप लगाया है कि पहले तो उन लोगों ने मजहब के नाम पर गालियां दीं और जब विरोध किया तो मारने पर उतारू हो गए। इसके बाद वहां कई लोग जमा हो गए और सबने हम चारों को पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद उनलोगों ने बल्लभगढ़ के पास दिल्ली से 20 किलो मीटर दूर असावटी स्टेशन पर ट्रेन से नीचे फेंक दिया।

मोहसिन ने बताया कि इस दौरान हमारे चचेरे भाई ने चेन पुलिंग की कोशिश की लेकिन ट्रेन नहीं रुकी। पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि जब उन लोगों ने पुलिस से मदद मांगी तो उन लोगों ने भी उनके अनुरोध को ठुकरा दिया। इस घटना की वीभत्स स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ट्रेन के डब्बे में खून बिखरे हुए थे।

असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हसन अली ने एक न्यूज़ वेबसाइट  को बताया कि इस मामले में पीड़ित लड़कों की निशानदेही पर दो लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और शुक्रवार को शव दफ़ना दिया गया.

इस प्रकार के छोटे छोटे धार्मिक उन्माद आज कल रोज़ देखने और सुनने को मिल रहे है. यदि प्रसाशन और सरकार ने इस और ध्यान नहीं दिया तो एक दिन देश में बड़ा धार्मिक उन्माद उत्पन्न हो सकता है.

सरकार और नेताओं को भाईचारा बढ़ने और नफरत को कम करने पर ध्यान देना चाहिए. जब नरेन्द्र मोदी के कहने पर लाखो लोग योग के आयोजन में इकट्ठा हो सकते है. भाईचारा कायम करने के लिए यदि देश के प्रधान मंत्री देशवासियों से आग्रह करेंगे तो देश में बहूत कुछ हद तक सांप्रदायिक घटनाएं रुक सकती है. वरना यह छोटी छोटी चिंगारियां किसी रोज़ बड़ी आग का रूप धारण कर लेंगी.

 

 

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