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Amarnath Yatra-अजान कंट्रोवर्सी के बाद ड्राईवर सलीम को सोनू निगम देंगे 5 लाख का इनाम

Amarnath Yatra-अजान कंट्रोवर्सी के बाद ड्राईवर सलीम को सोनू निगम देंगे 5 लाख का इनाम
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Amarnath Yatra के दौरान आतंकी हमले से यात्रियों को बचने वाले ड्राईवर सलीम को सोनू निगम ने 5 लाख का इनाम देने की घोषणा की है. आपको बतादे 10 मई सोमवार को आतंकियों ने एक यात्री बस पर हमला कर दिया था. जिसमे गुजरात के 7 यात्रियों की मौत हो गयी थी.

हमले के वक़्त बस के मालिक हर्ष देसाई और ड्राईवर सलीम ने चलती गोलियों के बीच यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुचाया. जिसमे बस मालिक हर्ष देसी जख्मी हो गए. हर्ष देसाई और ड्राईवर सलीम की बहदुरी के कारण बस के बाकी यात्रियों की जान बची. यदि बस को रोक दिया जाता तो मरने वालों की संख्या बढ़ सकती थी. हमले के वक़्त बस को सलीम चला रहे थे. सलीम की इस बहादुरी के लिए उनका नाम बहादुरी अवार्ड के लिए चयनित किया गया है.

सोनू निगम ने एक न्यूज़ वेबसाइट को बताया की सरकार ऐसे बहादुर लोगो को अवार्ड तो देती है. लेकिन उन्हें मदद भी देना चाहिए. सोनू निगम ने अज़ान कंट्रोवर्सी के बाद प्रशंषकों को शांत करने के लिए धर्म विशेष के व्यक्ति को इनाम देने के बात की है. आपको बता दें की सोनू निगम कुपोषण के खिलाफ लड़ने वाली एक संस्था के गुडविल अम्बेसेडर भी है.

Amarnath Yatra में यात्रियों की बस चलाने वाले ड्राईवर पर भी कुछ लोगों ने विवाद खड़ा कर दिया

गुजरात के स्थानीय अखबार दिव्य भास्कर की एक रिपोर्ट ने विवाद खड़ा कर दिया, दिव्य भास्कर ने छापा की अमरनाथ में हमले के वक़्त बस को सलीम नहीं बल्कि बस मालिक हर्ष चला रहे थे. लेकिन मामला तब साफ़ हुआ जब सोशल मीडिया पर हर्ष देसाई ने खुद कहा की उन्होंने चलती गोलियों के बीच ड्राईवर सलीम को बस चलते रहने के लिए कहा. हर्ष देसाई घायक हो चुके थे और बाकी सभी यात्री अपनी जान बचाने के लिए निचे झुके हुए थे. एक सलीम ही थे सीट पर बैठकर बस को चला रहे थे. ड्राईवर सलीम शैख़ ने गोलियों से अपने आप को बचाते हुए बस को जैसेा तैसे सुरक्षा बालों के नज़दीक पहुचाया.

Amarnath Yatra पर हुए हमले के बाद ड्राईवर सलीम रातों रात हीरो बन गए. हमले में बच गए यात्रियों ने एक टीवी चैनल को बताया की जैसे हम सुनते थे कश्मीर के लोग उतने बुरे नहीं है. हमले के बाद लोकल कश्मीरी लोगों ने हमारी बहूत मदद जिसमे मुस्लिम लोग भी थे. यात्री ने बताया की लोकल कश्मीरियों ने ऐसा व्यवहार किया जैसे हमला हमारे ऊपर नहीं बल्कि उनके ऊपर हुआ है. उन्होंने हमारी हर मुमकिन मदद की.

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