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Aircel के करोडो ग्राहक परेशान | TRAI भी नहीं ले रहा सुध, क्या नंबर बदलना पड़ेगा ?

मोदी सरकार के डिजिटल भारत में देश भर के करोडो मोबाइल उपभोक्ता परेशान हैं. पिछले तीन दिन से देश भर के 85 प्रतिशत aircel नेटवर्क बंद हैं. aircel के ग्राहक अपने मोबाइल में नेटवर्क को देखते रहते है की काश उन्हें नज़र आ जाये तो तुरंत मोबाइल नंबर पोर्टिंग की रिक्वेस्ट दाल दे. ताकि अपना पुराना नंबर बचा रहे. परन्तु उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है.

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बड़ी बात यह है की इस  समस्या का अभी कोई समाधान नज़र नहीं रहा है. TRAI की वेबसाइट पर भी इसकी शिकायत के लिए कोई आसान सुविधा नहीं नहीं. TRAI कंप्लेंट के लिए जो नंबर 9782012345 अपनी वेबसाइट पर दे रखा है वोह भी गलत है यानी वोह अस्तित्व में नहीं है.

यानी जिसके पास शिकायत की जा सकती है वहीँ पर कोई शिकायत लेने के कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं है. और यह हमारे देश की वो संस्था है जहाँ पर दूरसंचार सेवाओं से सम्बंधित ग्राहकों की  समस्याओं का निपटारा किया जाता है.

क्या है मामला,  क्यूं नहीं आ रहे aircel के नेटवर्क ?

दरअसल aircel के नेटवर्क का जो जाल है वोह उसका अपना खुद का नहीं है. उसे दुसरे मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को इसके लिए पैसा देना पड़ता है. किन्तु कुछ समय से aircel उन्हें पैसा देने में असमर्थ है. aircel ने मोबाइल टावर का किराया नहीं चुकाया है. जिसके कारण उसकी सेवाएं बंद कर दी गयी है.

क्या बंद होने वाली है aircel ?

जी हाँ आपने सही सुना है. दरअसल जिओ मोबाइल के आने के बाद देश की 6 बड़ी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियां बंद हो चुकी aircel उनमे से छठी है. aircel कंपनी दूसरी कंपनियों से मुकाबला नहीं कर पा रही है. एक न्यूज़ वेबसाइट के अनुसार aircel अपने खर्चे पूरे नहीं कर पा रही है. और लगभग बंद होने के कगार पर है. दरअसल aircel दिवालिया होने के कगार पर है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में दिवालिया होने की अर्जी दी है. कंपनी ने अर्जी देने से पहले ही अपने बोर्ड को भंग कर दिया है. दिवालिया घोषित होने के बाद एयरसेल कंपनी के तौर पर खत्म हो जाएगी. इसके बाद बाजार में एयरटेल, जियो, वोडाफोन, आइडिया ही बाकी रह जाएंगी. इनके अलावा दो सरकारी कंपनी एमटीएनएल और बीएसएनएल होंगी. वहीं, आइडिया-वोडाफोन का मर्जर पूरा होने पर टेलीकॉम मार्केट में सिर्फ तीन खिलाड़ी रह जाएंगे.

aircel के 5000 कर्मचारी हो जायेंगे बेरोजगार 

मोदी सरकार हर साल लाखों रोज़गार देने के वादा करके सत्ता मैं आई थी किन्तु ऐसा हो नहीं सका प्रकार से मोदी सरकार ऐसा करने में नाकामयाब रही. बल्कि उसने बेरोजगार लोगों को पकोड़े बेचने के सलाह तक दे डाली ऐसी में एयरसेल के बंद होने से कंपनी के 5000 कर्मचारी पर असर पड़ेगा. जाहिर तौर पर कंपनी के 5000 कर्मचारी इससे प्रभावित होंगे. केवल कर्मचारियों पर ही नहीं बल्कि वेंडर्स, पार्टनर, टॉवर ऑपरेटर जीटीएल इंफ्रा, भारती इंफ्राटेल, इंडस टॉलर और एटीसी पर भी इसका असर पड़ेगा. बहरहाल कंपनी बंद होने की कगार पर आ चुकी है और कुछ समय में टेलीकॉम इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं रहेगी. यानी 5000 कर्मचारियों के साथ लाखों लोग ऐसे हैं जिनके रोज़गार aircel के साथ जुड़े हैं. उनके रोज़गार पर भी ताला लग जायेगा.

अब  ऐसे में देखना यह है की देश के करोडो मोबाइल उपभोक्ताओं जिनके पास aircel का सिम है. क्या उनका सिम वापिस चालू हो पायेगा. क्या उनका अपना पुराना नंबर बचा रहेगा ?

इसके लिए TRAI को सामने आना होगा और अपना कर्तव्य निभाना होगा. कोई ऐसी वयवस्था बनानी होगी  जिससे ग्राहकों के अपने उम्बेर सुरखित रहे और वो किसी और मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी से जुड़ सकें. क्यूंकि यहाँ  करोडो ग्राहकों के अधिकार का सवाल है. उनका पुराना नंबर यदि वापिस नहीं आ पाया तो उन्हें खासी परेशानी होगी.

नंबर बदल जाने पर कहाँ कहाँ होगी परेशानी.

१. यदि बैंक से जुडा है नंबर तो वहां पर बदलवाना होगा. जो कोई आसान प्रक्रिया नहीं है. इसके लिए ग्राहक को बैंक जाना होगा वहां पर फॉर्म भरना होगा. उसके बाद बैंक आपको समय देगा हाथों हाथ नहीं करेगा.

२. Paytm पर भी होगी प्रॉब्लम, नहीं मिलेगा OTP.

३. उन सभी संस्थानों में और मोबाइल अप्प पर आपको नंबर बदलवाना होगा जहाँ से आपको notification आती रहती है.

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