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कब्ज़ का घरेलू इलाज़ – Kabz Ka Ilaaz

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कब्ज़ का घरेलू इलाज़ – Kabz Ka Ilaaz : कब्ज़ एक ऐसी बीमारी है जो एक बार पकड़ लेती है तो बहूत परेशान करती है. कब्ज़ यूं तो किसी भी उम्र में हो सकता है किन्तु 35 की उम्र के बाद यह बहूत ज्यादा परेशान करता है. बिगड़ा हुआ कब्ज़ किसी भी उम्र में खतरनाक हो सकता है.

कब्ज़ क्या है-kabz kya hai : कब्ज़ पेट से सम्बंधित बीमारी का नाम है. इसमें जो खाना हम खाते हैं वह पचने बाद मल द्वारा बहार निकल जाना चाहिए यदि ऐसा नहीं होता है तो यह आपके पेट की आँतों में सुख कर जमने लगता है. जिसके कारण गैस पास होने में समस्या होती है. और मल त्यागने में अधिक जोर लगाना पड़ता है. बार बार पेट में गैस बनती है जिसके कारण मनुष्य शारीरिक और मानसिक तौर पर परेशान होने लगता है.

कब्ज़ के कारण-kabz ke kaarn :- पेट साफ होकर मल का न निकलना ही कब्ज़ है, अगर मल त्यागने के समय आपको अत्यधिक जोर लगाना पड़ रहा है तो समझ जाइये की आपको कब्ज़ हो गयी है. इसमें आपका मल कठोर और सुखा हो जाता है. मल द्वार से निकलते वक़्त भी आपको मलद्वार में दर्द हो सकता है. और मल द्वार छिल जाता है जिसके कारण दर्द भी होता है. यह रोग गरिष्ट भोजन, मसालेदार भोजन करने से, शराब पिने से, अत्यधिक तम्बाकू का सेवन करने, खाना के बाद ही तुरंत सो जाने से, दिन भर बैठे बैठे काम करने से, क्रोध करने, लोभ, लालच और अत्यधिक तनाव में रहने के कारण भी कब्ज़ हो जाता है.

कब्ज़ की पहचान : कब्ज़ होने पर पेट में दर्द होने लगता है, पेट में मरोड़, भारीपन, भोजन में अरुचि, सुस्ती बैचैनी, आदि लक्षणों से कब्ज़ की पहचान की जा सकती है. यदि कब्ज़ पुराना हो जाए तो गैस ज्यादा बनना, सर में दर्द, कमर में दर्द, पेरों में दर्द की की शिकायत होने लगती है.

कब्ज़ का घरेलू इलाज़ – kabz ka gharelu Ilaaz : 

  • रात को ताम्बे के बर्तन में पानी भर कर रख दें और सुबह जागने के बाद पीने से कब्ज़ दूर होता है.
  • अमलताश के फूल और गुदा खाने से कब्ज़ दूर होता है.
  • रात को खाने के बाद दूध में चार पांच मुनक्के खाने से भी कब्ज़ में फायदा होता है.
  • 2 अंजीर एक गिलास पानी में भिगो दें, थोड़ी देर बाद जब अंजीर फूल जाये तो उन्हें पानी में मथकर पी लें कब्ज़ में आराम आयेगा.
  • एक चुटकी हरर्ड का चूरन, दो चुटकी बहेड़ा चूरन, एक चम्मच आंवले का चूरन खाने के बाद गरम पानी से लेने से भी कब्ज़ दूर होगा.
  • रात को 50 ग्राम चने और 50 ग्राम साबुत मूंग पानी में भिगो दे और प्रात इन्हें चबाकर खा लें, ऊपर से भीगा हुआ पानी भी पी जाएँ इससे कब्ज़ की शिकायत दूर हो जाएगी.
  • भोजन के बाद एक गिलास पपीता का रस भी कब्ज़ भगाने में उपयोगी है.
  • भोजन में लहसुन का उपयोग करने से भी कब्ज़ में कमी आती है.

कब्ज़ में क्या खाना चाहिए ? (Kabz Ka Ilaaz)

गेहूं तथा जौं की रोटी में चोकर का मात्रा ज्यादा रखें, जितना ज़रूरी हो उतना ही भोजन करें, दलों में मूंग और मसूर की दाल का सेवन करें, सब्जियों में तोरई, परवल, टिंडा, लौकी, आलू, शलजम, पालक, मैथी आदि बिना मिर्च मसाले के खाना लाभप्रद रहेगा. फलों में अमरुद, आम, आंवला, खरबूजा, खुबानी, पपीता, जामुन, नाशपाती, बेल, मौसमी, सेब, आदि का सेवन करें,

चावल, कड़े पदार्थ, तेलिय पदार्थ, कचोरी, पकोड़ी, खटाई, रबड़ी, मेवे, बेसन की चीजों का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए, भोजन से साथ सलाद का उपयोग अवश्य करें, टमाटर, गाजर, पायज की सलाद ज़रूर लें,

तनाव मुक्त रहे, अत्यधिक सोच, अत्यधिक लालच, अत्यधिक गुस्सा न करें क्यूंकि इनसे हमारे पाचन तंत्र पर गहरा प्रभाव पड़ता है. आप इनसे दूर रहेंगे तो भी कब्ज़ आपके पास नहीं आएगा.

आशा है आपको कब्ज़ के बारें में यह जानकारी अच्छी लगी होगी. यदि आपके पास भी कब्ज़ दूर करने का कोई उपाय है तो निचे कमेंट्स बॉक्स में अवश्य लिखें,

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